तहलका जज्बा / दीपा राणा
फरीदाबाद। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहाकि पशुओं के इलाज के लिए अब पशुपालकों को भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उनके दरवाजे पर ही पशुओं का इलाज भी मिलेगा। उपायुक्त विक्रम सिंह ने आज फैजूपुर खादर गांव में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और द एनिमल केयर ऑर्गेनाइजेशन (टाको) के शेल्टर में बने पशु चिकित्सा अस्पताल और एबीसी यूनिट (पशु जन्म नियंत्रण इकाई) का विदिवत तरीके से रिबन काटकर उद्घाटन किया। उनके साथ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, वेदांता लिमिटेड प्रिया अग्रवाल हेब्बर उपस्थित रही।

इस दौरान एक मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) भी लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य पशु कल्याण सुविधाओं की पहुँच को शेल्टर से आगे लेकर जाने का है। कार्यक्रम के दौरान एक बछिया का नामकरण कर ‘गंगा’ नाम रखा गया। उपायुक्त ने बताया कि इस नई सुविधा में सर्जरी या परीक्षण की आवश्यकता वाले जानवरों को साइट पर त्वरित देखभाल मिल सकेगी। ऐसे में उन्हें कहीं और ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। 2 एकड़ में फैले, पशु चिकित्सा अस्पताल, एबीसी यूनिट और एमवीएच प्रत्येक में एक ऑपरेटिंग थिएटर (ओटी) है। जटिल और गंभीर मामलों सहित विभिन्न चिकित्सीय स्थितियों के निदान और उपचार के लिए अनुभवी पशुचिकित्सक और सर्जन भी यहाँ उपलब्ध रहेंगे।
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, और नॉन- एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वेदांता लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहाकि “टाको की शुरुआत इसी स्थान पर दो साल पहले हुई थी। अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल सेवाओं के माध्यम से हमने अपना विस्तार किया है। हमारा नया अस्पताल स्थानीय समुदाय की मदद करेगा और मोबाइल हेल्थ वैन आपातकालीन मामलों को संभालने के लिए घर-घर का दौरा करेगी। यह सुविधा सभी जानवरों, बड़े या छोटे को आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगी। मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) शेल्टर के 20 किमी के दायरे में आवारा, पशुधन और पालतू पशुओं के लिए टीकाकरण और उपचार भी करेगी और बड़े जानवरों के इलाज के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के साथ ही उपचार के लिए दो टेबल और उन्नत उपकरणों से सुसज्जित है। एक डॉक्टर, एक पैरा-पशुचिकित्सक और एक पशुचिकित्सा सहायक एमएचवी के साथ यात्रा करेंगे।


