कांग्रेस विधायक मामन खान रहेंगे 14 दिन जेल, सीजेएम जोगेंद्र सिंह ने सुनाई सजा

-मोनू मानेसर के बदले मामन खान को बलि का बकरा बनाया: ताहिर हुसैन

कांग्रेस विधायक मामन खान रहेंगे 14 दिन जेल, सीजेएम जोगेंद्र सिंह ने सुनाई सजा

हिंदुस्तान तहलका  / राकेश वर्मा 

नूंह। हरियाणा में हुई नूंह हिंसा के मामले में गिरफ्तार हुए फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान को सीजीएम जोगेंद्र सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। विधायक मामन अब नूंह जेल में बंद रहेंगे। कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच तकरीबन 20 मिनट बहस हुई, इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

कांग्रेस विधायक मामन खान रहेंगे 14 दिन जेल, सीजेएम जोगेंद्र सिंह ने सुनाई सजा 

-मोनू मानेसर के बदले मामन खान को बलि का बकरा बनाया: ताहिर हुसैन

-20 मिनट बहस के बाद कोर्ट ने दिए आदेश

-पुलिस मामन खान के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई

विधायक ममान खान को मोनू के बदले बलि का बकरा बनाया

कांग्रेस विधायक मामन खान के वकील ताहिर हुसैन देवला ने बताया कि कांग्रेस विधायक की पेशी 137 नंबर एफआईआर में की गई है। पुलिस ने ही ज्यूडिशियल कस्टडी की डिमांड की थी, जिस पर कोर्ट ने विधायक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने ने बताया कि पुलिस द्वारा मामन खान के खिलाफ कोई भी सबूत नूंह हिंसा के संबंध में नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मामन खान को राजनीति षड्यंत्र के तहत फसाया जा रहा है।  नूंह हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। यह पॉलिटिकल मोटिव वाला केस है। मोनू मानेसर केस को प्रयोग करके कांग्रेस विधायक को बलि का बकरा बनाया गया है। अब वे जमानत के आवेदन के लिए कार्रवाई करेंगे।

15 सितंबर को अजमेर से गिरफ्तार किया गया था

आपको बता दें कि मामन खान इंजीनियर को गत 15 सितंबर को राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया और दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। रविवार को दो दिन का रिमांड पूरा हुआ तो उसके बाद नूंह पुलिस ने तीन नए मुकदमों में दो दिन का मामन खान का रिमांड मांगा। कोर्ट ने मामन खान को फिर से दो दिन के रिमांड पर भेज दिया। नूंह पुलिस ने कांग्रेस विधायक का मोबाइल व लैपटॉप पहले ही बरामद कर लिए थे, लेकिन लंबी छानबीन के बाद भी पुलिस मामन खान के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई। जिसके चलते उनका मंगलवार को फिर से रिमांड पूरा होने के बाद सीजेएम जोगेंद्र सिंह की अदालत में तकरीबन सुबह 11 बजे पेश किया गया। दोनों पक्षों के वकील कोर्ट में पहुंचे और बहस शुरू हो गई। महज 20  मिनट की बहस में ही सीजेएम जोगेंद्र सिंह ने मामन खान इंजीनियर को जेल भेजने का फैसला सुना दिया। 

नूंह हिंसा मामले में मामन खान ने कई खुलासे किए : एसआईटी

एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि नूंह हिंसा में पूछताछ में मामन खान ने कई खुलासे किए हैं, लेकिन लिखित में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इस रवैये से घंटों की पूछताछ बेकार हो जाती है। इससे पता चलता है कि आरोपी ने साजिश के बारे में पूरी और उचित जानकारी नहीं दी। एसआईटी विधायक से सीसीटीवी पर दंगा करते हुए पकड़े गए लोगों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। 

बता दें कि यदि कोई अपने द्वारा किए गए किसी कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी ) की धारा 180 के तहत सजा का प्रावधान है। इस धारा के तहत उसे तीन महीने की कारावास हो सकती है। इसके साथ ही इस धारा के तहत आरोपी के खिलाफ 500 रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान है

 हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच चाहते हैं:आफताब अहमद

सीएलपी उपनेता विधायक आफताब अहमद ने कहा कि नूंह हिंसा में सबसे पहला दोष हरियाणा सरकार का और हरियाणा की कानून व्यवस्था तथा ढुलमुल नीति का रहा है। हरियाणा सरकार ही इसके लिए जिम्मेदार है। इसके मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि हमारे विधायक का कोई रोल नहीं है, बल्कि मोनू मानेसर, बिट्टू बजरंगी इत्यादि के घटना से पहले के भी साक्ष्य मौजूद हैं। हरियाणा सरकार ने कोई कार्रवाई उनके खिलाफ नहीं की थी। अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए सच्चाई पर सरकार पर्दा डाल रही है। सरकार कभी सच्चाई उजागर नहीं होने देगी इसीलिए हम हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच चाहते हैं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो। हम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सरकार की कमियों की वजह से नहीं हो पा रही है। सरकार इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि नासिर - जुनैद हत्याकांड में जो दो दर्जन से अधिक लोगों के चार्जशीट में नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि  विधायक को नाजायज तरीके से नाम लेकर उसको फसाया गया है। उन्होंने कहा कि उनका रिमांड पूरा हो चुका है। कोई सबूत विधायक के खिलाफ नहीं जुटा पाए हैं। निरंतर व झूठा मुकदमा उनके ऊपर अंकित किया गया है। उन्होंने कहा कि मोनू मानेसर जैसे लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई। विधायक बोले जो भी इस मामले में दोषी हैं, चाहे वह इलाके के लोग हैं। चाहे यात्रा में शामिल हुए असामाजिक तत्वों का मामला हो, जो हथियारों के साथ यात्रा में शामिल हुए थे। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती से पेश आना चाहिए। सरकार एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। हजारों लोगों के मकान और दुकानों, व्यवसायों पर बुलडोजर चलाया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सरकार की इस कार्रवाई से हम कहना चाहते हैं कि हम आज उससे मांग करते हैं कि हाईकोर्ट के सिटिंग जज से ही इस मामले की जांच होने पर दूध का दूध और पानी का पानी सामने आएगा।

नूंह हिंसा में गिरफ्तार नाजायज लोगों को डिस्चार्ज किया जाएगा: मो. इलियास

विधायक मोहम्मद इलियास ने कहा कि नासिर व जुनैद को जब फिरोजपुर झिरका व स्पेशल स्टाफ पुलिस के सम्मुख लाया गया था। अगर उसी समय हरियाणा पुलिस उस वक्त कार्रवाई कर कस्टडी में रख लेती तो वह मौत के घाट नहीं उतारे जाते। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा हादसा नहीं होता। मामन खान की नाजायज गिरफ्तारी की बात हो या इलाके में शांति भंग होने की बात हो, हम कहना चाहते हैं कि जो भी आरोपी है वह गिरफ्तार होना चाहिए और किसी बेगुनाह को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। अगर गिरफ्तार कर लिया है तो उसे डिस्चार्ज किया जाना चाहिए। विधायक मोहम्मद इलियास में कहा कि बुलडोजर कार्रवाई और आगजनी में जिन लोगों को नुकसान हुआ था, उनको अभी तक कोई आर्थिक मुआवजा नहीं दिया गया है। हम तीनों विधायक लगातार इस बात को उठा रहे हैं, इसमें रोजमर्रा की मजदूरी करने वाले लोगों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। उन ऐसे लोगों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। मोहम्मद इलियास ने कहा कि डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर ने नूंह हिंसा में जो लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनको लेकर कहा है की आला अधिकारियों की एक टीम गठित की जाएगी और नाजायज लोगों को डिस्चार्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच करने के बाद नाजायज लोगों को छोड़ा जाए, हम इसका स्वागत करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा  एवं प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने विधायक मामन खान इंजीनियर की पूरी मदद की है, लेकिन विपक्ष के लोग गलत बयान बाजी कर रहे हैं। विधायक मोहम्मद इलियास ने कहा कि जहां तक विधायकों को सुरक्षा दिए जाने की बात है, हमने कोई मांग नहीं की थी। अगर सरकार नूंह हिंसा से पहले ही इस तरह के कदम उठा लेती तो शायद आज इस तरह के दिन देखने को नहीं मिलते। बता दें कि नूंह जिले के विधायकों के सुरक्षाकर्मियों की संख्या दो से बढ़ाकर हाल ही में चार की गई है।