हरियाणा गठन के 57वें वर्ष पर आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

विगत नौ वर्षों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को पहले पायदान पर लाने के लिये कार्य कर रहे हैं

हरियाणा गठन के 57वें वर्ष पर आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

हिंदुस्तान तहलका / डॉ प्रवीण कौशिक
करनाल।  हरियाणा गठन की 57वीं वर्षगांठ पर यहां आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम कई मायनों में अहम रहा। विगत नौ वर्षों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को पहले पायदान पर लाने के लिये कार्य कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री का यह सपना आज उस समय साकार नजर आया जब केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अंत्योदय महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
हरियाणा का करनाल जिला प्रदेश का सबसे अधिक पैदावार देने वाला जिला है। हरित क्रांति में अहम योगदान देने वाला यह जिला अब श्वेत क्रांति की ओर भी अग्रसर है। यहां के मत्स्य पालक सुलतान सिंह को पदम श्री पुरस्कार से भी नवाजा गया है। सहकारिता के क्षेत्र में भी यह जिला नई बुलंदियां छू रहा है। पिछले दिनों सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ही यहां एग्रो मॉल को हैफेड का निर्यातक हाउस के रूप में लोकार्पण किया था। अब हैफेड के सभी उत्पाद एक ही छत के नीचे आ गये हैं और उनका निर्यात संभव हुआ है। एक बार फिर आज अमित शाह यहां सेक्टर चार में आयोजित अंत्योदय महासम्मेलन में पहुंचे और लोगों की विशेषकर महिलाओं की उपस्थिति देखकर गदगद नजर आये। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अंत्योदय भावना से जनसेवा करने के लिये पीठ भी थपथपाई। इससे आने वाले चुनावों के लिये भी अमित शाह स्पष्ट संदेश दे गये कि मनोहर लाल ही पार्टी पसंद हैं।
अंत्योदय महासम्मेलन सीएम मनोहर के लिये अग्रि परीक्षा
आज का अंत्योदय महासम्मेलन भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिये अग्रि परीक्षा से कम नहीं है जब 2014 में पहली बार 26 अक्तूबर को मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा था तो उस समय एकाएक ही 22 जनवरी 2015 को ऐतिहासिक नगरी पानीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं, राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत करने की जिम्मेवारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंप दी थी। सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, प्रबुद्घ व्यक्तियों व खापों के सहयोग से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान सफल हुआ और हरियाणा में लिंगानुपात उस समय एक हजार लड़कों के पीछे 861 लड़कियों का था जो अब बढक़र 922 हो गया है। यह समाज में लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच का परिणाम है। कभी हरियाणा के नाम पर कन्या भ्रूण हत्या का कलंक था उसको मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धोया है। आज हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में लोहा मनवा रही है। खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य की बात है यहां तक कि चंद्रयान-3 में भी हरियाणा की बेटियों ने अहम योगदान रहा।