राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में जल अपशिष्ट उपचार संयंत्र बनाए जाएंगे : दुष्यंत चौटाला

उपमुख्यमंत्री ने सिरसा में 6 करोड़ 20 लाख की लागत से बने अपशिष्ट उपचार संयंत्र का किया उद्घाटन

राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में जल अपशिष्ट उपचार संयंत्र बनाए जाएंगे : दुष्यंत चौटाला

नितिन गुप्ता, मुख्य संपादक

हिंदुस्तान तहलका / सिरसा।  हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार आज सिरसा के इंडस्ट्रियल एरिया में छह करोड़ 20 लाख की लागत से बने अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने संयंत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तारपूर्वक जानकारी भी ली। उन्होंने संयंत्र के प्रांगण में पौधारोपण भी किया। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में जल अपशिष्ट उपचार संयंत्र बनाए जाएंगे, इसी लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए आज सिरसा से शुरुआत की गई है। जिला सिरसा के इस इंडस्ट्रियल एरिया  में 171 प्लॉट है जिसमें करीब 115 यूनिट काम कर रही हैं, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद सिद्ध होगा।

इंडस्ट्रियल वेस्ट को ट्रीट किया जाए

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा इंडस्ट्रियल एरिया की बहुत लंबे समय से सीईटीपी प्लांट लगवाने की मांग थी कि इंडस्ट्रियल वेस्ट को ट्रीट किया जाए। इस वेस्ट के कारण पहले पानी का 350 से 400 बीओडी का लेवल जाता था, जो अब कम होकर 10 हो गया है। इस पानी का प्रयोग किसान भी अपनी खेती में कर सकते हैं। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिलेगा वहीं गंदगी व बदबू से भी छुटकारा मिलेगा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ट्रीटमेंट के बाद इस पानी का उपयोग सिंचाई व इंडस्ट्री की ग्रीन बेल्ट में होगा। इस प्रकार के प्लांट बनने से उद्योगों को भी लाभ मिल रहा है।

सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आई बाढ़ से जिन नागरिकों की फसल का नुकसान हुआ है वे अपनी फसलों का डाटा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। पटवारियों की ड्यूटियां लगाई जा चुकी है और जहां पर पटवारियों की कमी है वहां पर क्षतिपूर्ति सहायकों की भी ड्यूटियां लगाई गई है। जल्द से जल्द उनके नुकसान की वेरिफिकेशन करवाई जाएगी और उन्हें उनका भुगतान भी कर दिया जाएगा। सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है। जैसे-जैसे सरकार के पास डाटा आएगा, वैसे ही भुगतान कर दिया जाएगा।