राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, वोट डालने संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, वोट डालने संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। देशभर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। संसद भवन परिसर में मानसून सत्र के शुरू होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार के तमाम वरिष्ठ मंत्री व सांसद ही नहीं, विपक्ष के नेता-सांसद भी अपने वोट डालेंगे। वोटों के गणित में पक्ष और विपक्ष के बीच बने बड़े फासले को देखते हुए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का देश की अगली राष्ट्रपति चुना जाना तय है। वह आदिवासी समुदाय की देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली शख्सियत होंगी।

राष्ट्रपति चुनाव पर राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने कहा, 'मतदान सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे समाप्त होगा. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं। संसद और उसके आसपास और विशेष रूप से मतदान स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। बता दें कि संसद भवन के कमरा संख्या 63 में 6 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विधानसभा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान किया। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को बीच मुकाबला है। 

राष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार मुर्मू को सत्ताधारी गठबंधन के अलावा वाईएसआर कांग्रेस, बीजद,  अकाली दल ही नहीं विपक्षी खेमे के कई दलों जैसे जदएस, झामुमो, शिवसेना और तेदेपा का समर्थन भी मिला है। इससे साफ है कि द्रौपदी मुर्मू को करीब दो तिहाई मत मिलने की संभावना है। जबकि विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए जारी वोटिंग के बीच विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि ये चुनाव महत्वपूर्ण है। यह चुनाव तय करेगा कि लोकतंत्र है या नहीं. इसके साथ ही उन्होंने सांसदों और विधायकों से कहा कि अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनें और प्रजातंत्र को बचाने के लिए मतदान करें। 

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को होने वाले मतदान के बाद सभी राज्यों से मत पेटियां दिल्ली लाई जाएंगी और 21 जुलाई को वोटों की गिनती के बाद देश के नए राष्ट्रपति के निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्य रात्रि को समाप्त हो रहा है और 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा। राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के वोट का मूल्य 700 है जो पिछले चुनाव के 708 के मुकाबले कम हुआ है। जबकि अलग-अलग राज्यों में जनसंख्या के हिसाब से विधायकों के वोटों का मूल्य अलग-अलग है। यूपी के विधायकों का मत मूल्य सबसे अधिक

उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का मूल्य सबसे अधिक 208 है। इसके बाद झारखंड और तमिलनाडु के विधायकों के मत का मूल्य 176 है, तो महाराष्ट्र के विधायकों के वोट का मूल्य 175 है। सिक्किम के एक विधायक के वोट का मूल्य केवल सात है जो पूरे देश में सबसे कम है। मालूम हो कि देश की पहली महिला राष्ट्रपति होने का गौरव प्रतिभा पाटिल को हासिल है जो 2007 में शीर्ष संवैधानिक पद के लिए चुनी गईं थीं।