Thursday, May 23, 2024
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Homeउत्तर प्रदेशबृज में शुरू हुआ 40 दिन का होली उत्सव...उड़ा खूब अबीर-गुलाल

बृज में शुरू हुआ 40 दिन का होली उत्सव…उड़ा खूब अबीर-गुलाल

-होली उत्सव की शुरुआत ठाकुर बांके बिहारी का भव्य श्रृंगार से हुआ

हिन्दुस्तान तहलका / शिवांगी चौधरी

मथुरा – देश ही नहीं, दूनिया भर में ब्रज की होली मशहूर है। वसंत पंचमी पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रंग गुलाल के साथ बुधवार आज यह होली उत्सव शुरू हो गया। 40 दिन चलने वाले इस होली उत्सव में बरसाने की लठमार होली से लेकर मथुरा और वृंदावन में गोबर, मिट्टी और रंगों की होली के अलग अलग रंग देखने को मिलेंगे। ठा. बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य गोपी गोस्वामी ने बताया ठा. बांकेबिहारीजी भक्तों संग होली खेलकर ब्रज में 40 दिवसीय होली की शुरुआत है। ठाकुरजी गुलाल का फेंटा बांध गाल पर गुलाल लगाकर ही भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मंदिर में बुधवार की सुबह श्रृंगार आरती से पहले सेवायत ठाकुरजी के गालों पर गुलाल लगाया। इसके बाद सेवायत ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल उड़ाकर भक्तों को होली के रंग में सराबोर किया। ऐसे में मंदिर में प्रवेश करते ही आराध्य के प्रसादी रंग के एक-एक कण में सराबोर होने को उत्साहित श्रद्धालु देश दुनिया से वृंदावन में डेरा डाल लिया। इसके बाद मथुरा से लेकर वृंदावन और बरसाने से लेकर गोवर्धन तक होली उत्सव शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिर में भगवान बांके बिहारी के जयघोष लगे। जमकर अबीर-गुलाल उड़ा। वृंदावन के मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ा। सुबह 9 बजे तक ही करीब 50 हजार भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। अनुमान है कि आज यहां करीब 4 लाख भक्त पहुंचेंगे। ये होली उत्सव अब 40 दिन तक जारी रहेगा। रंगनाथ मंदिर की होली के साथ इसका समापन होगा।

केसरिया मोहन भोग ( हलवा) का लगाया विशेष भोग

बांके बिहारी जी मंदिर में वसंत पंचमी के दिन सर्वप्रथम बसंती वस्त्र आभूषण में सजे-संवरे ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज को श्रृंगार सेवा के अंतर्गत गुलाल अर्पित किया गया। हुरियारे स्वरूप में दर्शन दे रहे आराध्य प्रभु के सामने पंच मेवा के केसरिया मोहन भोग का विशेष भोग लगाया गया। वसंत पंचमी पर समूचे मंदिर परिसर को गेंदा, सरसों व अन्य सुंदर फूलों सहित गुब्बारे कपड़े इत्यादि से सजाया गया। सुगंधित इत्रों का छिड़काव किया गया। मंदिर के गर्भ-गृह से भक्तों पर सेवायतों द्वारा बहुरंगी गुलाल की वर्षा की गई। पूरा मंदिर रंग-बिरंगे गुलाल से रंग गया। भगवान का प्रसादी रंग गुलाल अपने ऊपर डलवाकर श्रद्धालु भी आनंद से झूम उठे और गाने लगे आज बृज में होली रे रसिया। मंदिर में वसंती विद्युत सज्जा, परिधान, श्रृंगार, अन्य सज्जा वसंती होगी। संस्थान के बाल गोपाल शिक्षा सदन में विद्या की देवी मां सरस्वती का सुबह 11 बजे मंदिर के पूजाचार्य व विद्यार्थियाें द्वारा पूजन किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सभी मंदिराें में होली (फाग) महोत्सव का शुभारंभ भी हो जाता है। पूरे फाल्गुन मास तक अबीर-गुलाल, फूलाें की होली ठाकुरजी के साथ-साथ श्रद्धालुओं के साथ खेली जाती है।

कुछ इस तरह रहेगा होली उत्सव

कुछ इस तरह रहेगा होली उत्सव

-वसंत पंचमी से शुरू होने वाले होली उत्सव के बाद फाल्गुन सप्तमी तक मंदिरों में पुजारी भगवान को प्रतिदिन गुलाल लगाएंगे। इसके बाद सप्तमी यानी इस बार 17 मार्च को नंदगांव ने फाग निमंत्रण और बरसाना की प्रसिद्ध लड्डू होली खेली जाएगी।
-18 मार्च को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा। 19 मार्च को नंदगांव में लट्ठमार होली होगी, तो 20 मार्च से श्री कृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन में होली खेली जाएगी।
-21 मार्च को गोकुल की छड़ी मार होली, 24 मार्च को होलिका दहन, 25 मार्च को धूल होली खेली जाएगी। इसके बाद 26 मार्च को बलदेव का प्रसिद्ध हुरंगा, 27 मार्च को बठैन का हुरंगा, 28 मार्च को महावन की होली और 1 अप्रैल को श्री रंगनाथ भगवान की होली के साथ बृज की होली का समापन हो जाएगा।
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