हिन्दुस्तान तहलका / विनोद गुप्ता
चंडीगढ़। हरियाणा के जल्द ही बड़ा फेरबदल होने वाला है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा विधायक एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों और उनके द्वारा काम नहीं करने की प्रवृत्ति से परेशान हैं। कई अधिकारी तो ऐसे हैं, जो विधायकों के फोन नहीं उठाते और अगर उठाते हैं तो जनता का काम नहीं करते। ऐसे अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ सतीश पुनिया के साथ हुई विधायक दल की बैठक में की गई।

चंडीगढ़ में सीएम आवास पर बुधवार को मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा मंत्रीगण और विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमे सह प्रभारी सुरेंद्र सिंह नागर, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन मंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा और सभी मंत्री और विधायक शामिल हुए। इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ सभी ने लंच किया। बैठक में सभी मंत्रियों व विधायकों को विवादित बयानों से बचने की सलाह दी गई। साथ ही मंत्रियों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ बनाए जाने के संकेत देने के साथ ही उन्हें मंगलवार व बुधवार को हर हाल में चंडीगढ़ मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए गए।

मंत्री अगर दूसरे जिले में दौरे या मीटिंग के लिए जाते हैं तो इसकी सूचना पार्टी विधायक और जिला अध्यक्षों को देनी होगी। भाजपा विधायकों से कहा गया कि वे 15 दिन में कम से कम एक बार जिला कार्यालय में जरूर जाएं। बैठक में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिढ़ा द्वारा अधिकारियों को डांटने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक और मंत्री संयमित व मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करें।
बैठक में प्रदेश प्रभारी और सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम के बीच बहस होने की खबर आई है। रामकुमार गौतम ने कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम पर सवाल उठाया। ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम को बेहतर बताते हुए स्पष्ट तौर पर कह दिया कि इसमें बदलाव नहीं होगा। सतीश पूनिया ने सुझाव दिया कि विधायक दल की बैठक एक से दो माह में जरूर हो।


