Monday, June 8, 2026
No menu items!
spot_img
Homeहरियाणाहरियाणा में भारी बारिश से हालात गंभीर, सरकार कर रही हर संभव...

हरियाणा में भारी बारिश से हालात गंभीर, सरकार कर रही हर संभव राहत कार्य: सीएम सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार आज चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न हालात पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हालात की लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बारिश और बाढ़ से निपटने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया है, जिस पर अब तक प्रदेश के 2897 गांवों के 1,69,738 किसानों द्वारा 9,96,701 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण किया जा चुका है।

राहत और मुआवजा

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, और इस दिशा में जिलों को 3 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि आरक्षित निधि के रूप में स्वीकृत की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मकान ढहने की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें फतेहाबाद और भिवानी में 3-3, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर में 2-2, और हिसार व फरीदाबाद में 1-1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है। इन परिवारों को 48 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है। बाढ़ से फसलें खराब होने पर प्रति एकड़ 15,000 रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा। जिन क्षेत्रों में हरे चारे की कमी हुई है, वहां अन्य जिलों से सूखा चारा मंगवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर उचित सहायता दी जाएगी।

स्वास्थ्य और राहत शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 376 चिकित्सा शिविर संचालित हो चुके हैं और 135 शिविर लगाए जा चुके हैं। अगर किसी क्षेत्र में लोगों को घर छोड़ना पड़ता है, तो उनके लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की जाएगी।

अन्य राज्यों को सहायता

मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर और पंजाब को 5-5 करोड़ रुपये की सहायता दी थी और आज हिमाचल प्रदेश को भी 5 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।

सेवा पखवाड़ा और सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। सभी विधायक एवं समर्थित विधायक एक माह का वेतन बाढ़ राहत के लिए देंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जीएसटी सुधारों के लिए आभार प्रकट किया और बताया कि उन्होंने आज अनौपचारिक रूप से कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा भी की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

Translate »