हिंदुस्तान तहलका / दीपा राणा
फरीदाबाद। सावन मास का आगमन होते ही पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था की सरिता बहने लगती है। इसी पावन भाव के साथ सोमवार को सावन का पहला सोमवार मनाया गया, और पूरा फरीदाबाद भोलेनाथ की भक्ति में लीन हो गया। मंदिरों में घंटियों की मधुर ध्वनि, मंत्रोच्चारण, भजनों की गूंज और भक्तों के “हर-हर महादेव”, “जय भोलेनाथ” और “बोल बम” के जयकारों से शहर शिवमय हो गया। मंदिरों में भी सावन के पहले सोमवार को लेकर विशेष व्यवस्था की हुई थी। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जलाभिषेक किया और भांग, बेलपत्र, फूल, फल, शहद चढ़ाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शिव मंदिरों पर पहुंच रहे भक्तों की सुरक्षा के नजरिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सुबह होते ही उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिरों की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। श्रद्धा की यह बाढ़ केवल भीड़ नहीं, बल्कि सच्चे भक्तिभाव का प्रतीक थी। नंगे पाँव, जल कलश लिए, माथे पर चंदन और केसर के तिलक के साथ, सैकड़ों शिवभक्त शिवालयों की ओर बढ़ते चले गए। हर किसी के मुख पर एक ही मंत्र था “हर-हर महादेव”
भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए आतुर दिखे भक्त
सबसे पहले शिवालयों में महंत और पुजारियों ने पंचामृत से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। सावन के सोमवार की महिमा को अपार मानते हुए श्रृद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रसन्न रखने के लिए व्रत रखा और भगवान शंकर के साथ माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय और नंदी जी पूजा अर्चना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने शिव परिवार को पंचामृत यानी गाय के दूध, दही, शहद, शक्कर, घी व जलधारा से स्नान कराकर, चंदन, फूल, रोली, वस्त्र अर्पित किए। कुछ श्रद्धालुओं ने शिव को सफेद फूल, बेल पत्र, सफेद वस्त्र और श्री गणेश को सिंदूर, गुड़ व पीले वस्त्र भी चढ़ाए। इस बीच श्रद्धालुगण भगवान शिव का जलाभिषेक करते हुए हर-हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए भक्त आतुर नजर आए।

सावन की महिमा और शिव परिवार की आराधना
सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और निष्ठा से किए गए जलाभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं
इन मंदिरों में हुआ जलाभिषेक
सैनिक कालोनी स्थित शिव मंदिर में अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां मंदिर में लगभग 21 फुट ऊंचा शिवलिंग है। मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे ही खुल गए थे। सुबह से भी भक्तों का तांता लगा रहा और भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव की पूजा अर्चना की। रेलवे रोड स्थित बांके बिहारी मंदिर, सेक्टर-16 में सनातन धर्म मंदिर, साईं मंदिर, गोपी कॉलोनी में लक्ष्मी नारायण मंदिर, एनआईटी एक नंबर मार्केट में स्थित हनुमान मंदिर, अशोका एनक्लेव में देव स्थल मंदिर, एनआईटी तीन नंबर में शिव मंदिर, तिकोना पार्क स्थित शिव मंदिर, पुराना फरीदाबाद के शिव मंदिर, पथवारी मंदिर, एनएच पांच स्थित तत्कालेश्वर शिव मंदिर, जन कल्याण मंदिर, वायुसेना मार्ग स्थित श्रीराम मंदिर, शिवशक्ति मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। पहले सोमवार को भगवान के अभिषेक को लेकर हाईवे पर हनुमान-शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, श्रीराधा सर्वेश्वर मंदिर समेत शहर के अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। मंदिरों के सामने फल-फूल, बेलपत्र, धतुरा आदि बेचने वालों की भीड़ रही।
मंदिरों के बाहर सजा आस्था का बाजार
शिवालयों के बाहर फूल, बेलपत्र, धतूरा, नारियल, भस्म, प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें सजी थीं। दुकानदारों के चेहरों पर भी संतोष था क्योंकि इस दिन न केवल श्रद्धालु खुश होते हैं, बल्कि छोटे व्यवसायी भी भक्ति की इस आंधी से लाभान्वित होते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि हमारा भी यही सेवा है कि भक्तों को पूजा का हर सामान मिले। सावन में कारोबार से ज्यादा पुण्य कमाने की भावना होती है।


