हिंदुस्तान तहलका / विष्णु हरि पाठक
फरीदाबाद। दिल्ली से सटे मंगलवार (22 जुलाई) की सुबह फरीदाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे और धरती अचानक हिलने लगी। सुबह करीब 6 बजे, 3.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कुछ ही पलों में शहर में दहशत का माहौल बन गया। लोगों की नींद झटकों से टूटी, और जो समझ सके, वे डर के मारे तुरंत घरों से बाहर निकल आए। भूकंप हल्का था, लेकिन एहसास इतना गहरा कि लोग काफी देर तक सड़कों और खुले मैदानों में खड़े रहे। गनीमत यह रही कि भूकंप के झटके इतने तेज नहीं थे कि कोई जान-माल का नुकसान होता। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र फरीदाबाद से 16 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में और यह हलचल जमीन में पांच किलोमीटर की गहराई में हुई। यह झटका कुछ सेकंड का था, लेकिन पूरे एनसीआर में हलचल पैदा कर गया।
25 दिन में 6वीं बार हिला हरियाणा!
यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा की धरती हिली हो। पिछले 25 दिनों में यह छठा भूकंप है जिसने राज्य को झकझोरा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हरियाणा के 12 जिले भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। जिनमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक, पानीपत, करनाल, अंबाला, पंचकूला, सोनीपत, नूंह, महेंद्रगढ़ और पलवल शामिल हैं।
भूकंप आने पर क्या करें?
- घबराएं नहीं, शांत रहें।
- घर के अंदर हैं तो मजबूत टेबल के नीचे छिपें।
- शीशे, खिड़कियों और दीवारों से दूरी बनाए रखें।
- बाहर हैं तो बिजली के खंभों, पेड़ों और ऊंची इमारतों से दूर रहें।
- वाहन चला रहे हों तो धीरे से रोकें और वहीं अंदर रहें।
- लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
- अफवाहों से बचें और सिर्फ सरकारी सूचना पर भरोसा करें
क्यों और कैसे आता है भूकंप
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।


