Wednesday, April 24, 2024
No menu items!
spot_img
Homeउत्तर प्रदेशकिसानों ने एक दिवसीय भारत बंद का किया जोर-शोर से समर्थन

किसानों ने एक दिवसीय भारत बंद का किया जोर-शोर से समर्थन

हिन्दुस्तान तहलका / प्रदीप अग्रवाल

मथुरा / बलदेव – संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर एक दिवसीय भारत बंद कार्यक्रम में किसानों ने किसानो से जुड़े सभी कार्यो से विरक्त होकर के जोर-शोर से भारत बंद कार्यक्रम का समर्थन किया। किसान सरदारी ने एकजुटता का परिचय देकर खेती से जुड़े सभी कार्यों से विरक्त होकर भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की अपील पर एक दिवसीय भारत बंद कार्यक्रम में अपना अहम योगदान दिया। किसानों के प्रति कुंभकरणीय नींद में सोई हुई प्रदेश और केंद्र की सरकार को जगाने के लिए भारत बंद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेष चर्चा में किसानों ने बताया कि जहां प्रदेश और केंद्र की सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है वहीं सबसे ज्यादा शोषण किसान का ही किया जा रहा है। इस पर प्रदेश प्रवक्ता उत्तर प्रदेश वह प्रभारी मध्य प्रदेश गजेंद्र सिंह परिहार व प्रवक्ता ललित शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रदेश और केंद्र की सरकार किसानों की प्रति कुंभकरणीय नींद में सोई हुई है आंदोलन के समय किसानों से वायदा किया की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बहुत जल्द एक कानून बनाया जाएगा। लेकिन गप्पू सरकार ने वादा खिलाफ़ी की और किसानों को केवल हताशा ही हाथ लगी।

किसानों ने एक दिवसीय भारत बंद का किया जोर-शोर से समर्थन

बजट सत्र में भी किसानों के लिए लॉलीपॉप देने का काम सरकारों ने किया है। भारत के प्रधानमंत्री खुले मंच से इस बात की घोषणा करते हैं कि देश की खुशहाली का रास्ता खेत और खलियान से गुजरता है। आज खेत और खलियान से किसान अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई में जूझ रहा है देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाला किसान अपनी ही अर्थव्यवस्था में सरकारों ने उलझा दिया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की सबसे ज्यादा आवश्यकता है क्योंकि आज देश का किसान आर्थिक रूप से तंग हालत में है जो न चाहते हुए भी भुखमरी और मौत के कगार पर है ।सत्ता में आने से पहले सरकार किसानों से तमाम बायदे करती है लेकिन वादा खिलाफी करने से सरकार नहीं चूकती जब उन्हें पूरा करने का समय आता है तो सरकार लॉलीपॉप किसानों को पकड़ने का काम करती है। जगदीश परिहर व गिर्राज परिहार ने संयुक्त रूप से कहा कि जब गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार रही तब उन्होंने किसानों के लिए सीटू मूल्य का समर्थन किया लेकिन आज भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार है तब किसानों के लिए सीटू लागू क्यों नहीं किया जा रहा किसानों ने एक मत होकर कहा कि राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का आगे जो भी आवाहन और अपील होगी, उसमें सभी किसान सरदारी बढ़ चढकर अपना योगदान और सहयोग करेगी। सिसौली में होने वाली पंचायत में जो भी अहम फैसले लिए जाएंगे उन फेसलों का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहा है और निर्देश मिलती ही आगे की रणनीति तैयार करने के लिए अपना योगदान देगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

Translate »