Monday, April 22, 2024
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Homeउत्तर प्रदेशअसली वेलेंटाइन डे: भगवान को गुलाब देकर हैप्पी वेलेंटाइन डे कहा

असली वेलेंटाइन डे: भगवान को गुलाब देकर हैप्पी वेलेंटाइन डे कहा

हिन्दुस्तान तहलका / शिवांगी चौधरी  

मथुरा – 14 फरवरी यानी वेलेंटाइन डे। इस दिन दुनियाभर के अधिकांश देशों में मोहब्बत करने वाले एक दूसरे से प्यार का इजहार करते हैं और भावनात्मक तौर पर एक नए रिश्ते की शुरुआत करते हैं। पाश्चात्य देशों में मनाए जाने वाले इस दिन को अब भारत में भी कपल्स मनाने लगे हैं। वहीं, भारत में भगवान कृष्ण की लीला स्थली वृन्दावन में इस दिन को मनाने वालों की भी कोई कमी नहीं है। वेलेंटाइन डे बृज के मंदिरों में भी लोग मनाते दिखे। वेलेंटाइन डे पर जहां कुछ कपल्स एक दूसरे को गुलाब का फूल देकर मोहब्बत का इजहार कर रहे हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो इस दिन को भगवान के साथ मना रहे हैं। बृज के मंदिरों में भी ऐसे युवा नजर आए जो भगवान को गुलाब देकर बोले हैप्पी वेलेंटाइन डे।

बांके बिहारी को दिया गुलाब

वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी वेलेंटाइन डे की झलक दिखी। यहां आ रहे श्रद्धालुओं में से कुछ श्रद्धालुओं के हाथों में गुलाब का फूल नजर आया। बांके बिहारी के लिए गुलाब का फूल लेकर पहुंचे यह श्रद्धालु उनके साथ वेलेंटाइन डे मनाने पहुंचे थे। इस बार 14 फरवरी को बसंत पंचमी भी है। बसंत पंचमी से ही बृज में होली की शुरुआत हो जाती है। 14 फरवरी को इस बार वेलेंटाइन डे के दिन ही बसंत पंचमी है। यही वजह रही कि बांके बिहारी मंदिर में भक्त होली की मस्ती के बीच वेलेंटाइन डे मनाया। एक तरफ उड़ता रंग गुलाल दूसरी तरफ हाथों में गुलाब का फूल लेकर वेलेंटाइन डे मनाते भक्त।

श्री कृष्ण का महारास

बताया जाता है कि जब भगवान श्री कृष्ण महारास करते थें तो महारास के प्रेम में वशीभूत होकर बंसी की धुन पर गोपियां नाचने को मजबूर हो जाती थी। वहीं, भगवान कृष्ण भी प्रेम के वश में होकर गोपियों सहित राधा के प्रेम लीन होकर गोपियों की हर बात मान कर उनके कहे अनुसार लीला करते थे। जब राधा महारास करते हुए थक गयी थी तो यहीं भगवान कृष्ण ने राधा के चरण दबाकर राधा जी की सेवा की थी। यही वजह है कि भक्त दूर-दूर से आकर भगवान के उसी प्रेम को अपने जीवन में लेने के लिए यहां आकर अपने सुखद जीवन की कामना करते हैं। निधिवन में आये श्रद्धालुओं से जब एक श्रद्धालु हृदयराम गौड़ ने बताया कि वे वैलेंटाइन डे मनाने भगवान की शरण में आए हैं क्योंकि ये उनके संस्कार है और उन्ही को मानते हुए 14 फरवरी को वे पति-पत्नी वृन्दावन आये हैं। उनका ये भी कहना है कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने आगे कहा कि लोग आज के दिन अलग अलग जगह पर वैलेंटाइन डे मनाने के लिए जाते हैं, लेकिन वे अपने को बड़ा सौभाग्यशाली मानते है कि उन्हें भगवान श्री कृष्ण ने अपने पास बुलाया है। भगवान की शरण में आने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और अमन को शांति और सुकून मिलता है।

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