– हरियाणा में कुष्ठ रोगियों का होता है मुफ़्त ईलाज
तहलका जज्बा / विनोद गुप्ता
पंचकूला। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने घोषणा की कि हरियाणा को कुष्ठरोग मुक्त प्रदेश बनाएंगे, इसके लिए आज से कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान शुरू किया गया है जो कि 13 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों का निःशुल्क ईलाज किया जाता है। वीरवार को कुष्ठ रोग जागरूकता दिवस के अवसर पंचकूला जिला के गांव खड़ग मगोली में एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिसमें इसी गांव के तीन कुष्ठ रोगियों को सम्मानित किया गया। लोगों से कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करने की शपथ भी दिलाई गई।
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी राव ने कुष्ठ रोग जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कुष्ठरोग न तो ईश्वर का श्राप है न ही पिछले जन्मों के पापों का फल। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को इस अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महात्मा गांधी कुष्ठ रोगियों के प्रति दयालु थे और उनका मानना था कि कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं करना चाहिए। वे कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए प्रयासरत थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुष्ठरोग जीवाणुओं (माइकोबैक्टेरियम ) से होने वाली एक साधारण बीमारी है, जो मुख्य रूप से चमड़ी एंव नसों को प्रभावित करती है। यह सबसे कम संक्रामक रोगों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य सर्दी-जुकाम से भी कम संक्रामक है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति, स्त्री-पुरुष को हो सकती है। यदि समय पर इसका उपचार न किया जाए तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैल सकती है और विकलांगता भी हो सकती है। परंतु कुष्ठरोग का समय पर इलाज शुरू करने से बीमारी के संक्रमण को रोका जा सकता है। कुष्ठरोग पूरी तरह से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।
हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ मनीष बंसल ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में केवल 382 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है जिनमें से अधिकतर कुष्ठरोग निकटतम राज्यों से है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कुष्ठ रोग निरोधी ड्रग्स, सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र /प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, “माइक्रो सेलुलर रबर फुटवियर, सायक दवाएं ,कमठी और बैसाखी, सेल्फ केयर किट आदि भी आवश्यकता के अनुसार कुष्ठ रोगियों को मुफ़्त उपलब्ध करवाए जाते हैं। डॉ. बंसल ने यह भी बताया कि हरियाणा के विभिन्न जिलों में 19 कुष्ठ कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियां में पुराने कुष्ठरोग का इलाज पूरा कर चुके 567 कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति व उनका परिवार रहते हैं। इनमें से चार कॉलोनियां हिंद कुष्ठ निवारण संघ द्वारा और एक रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिन्हें सरकार से सहायता मिलती है। अन्य 14 कॉलोनियां कुष्ठ रोगियों द्वारा स्वयं बसायी गई हैं।