तहलका जज्बा / मनोज
वाराणसी। महाकुंभ में स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रेला काशी और अयोध्या का रुख कर रहा है। मौनी अमावस्या के बाद काशी में ऐतिहासिक रूप से श्रद्धालुओं का आना हो रहा है। गुरुवार के दिन करीब 25 लाख लोग वाराणसी में आए थे। काशी में इस वक्त 40 लाख लोगों की भीड़ है। सभी आने वाले श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के साथ घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होना चाहते हैं। ऐसे में दशाश्वमेध घाट पर आज जबरदस्त भीड़ हुई। घाट पर तिल रखने तक कि जगह नहीं थी। किसी अनहोनी की आशंका और अगले दो दिन तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए अब आरती समितियों ने श्रद्धालुओं से काशी न आने की अपील की है। भक्तों के भीड़ का दबाब देखते हुए दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को भी आयोजकों ने पांच फरवरी तक के लिए रद्द कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी बाबा के भक्तों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। समिति ने श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों से अपील भी की है कि वे इस अस्थायी परिवर्तन को समझदारी के साथ स्वीकार करें और धैर्य बनाए रखें।
घाट पर सीमा से अत्यधिक है श्रद्धालुओं का सैलाब
गंगा सेवा समिति दशाश्वमेध घाट के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि घाट पर आरती कराने में आज हम लोगों को जबर्दस्त मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ का दबाव इतना जबरदस्त था कि हम लोग आशंका से भरे हुए थे कि कहीं कुछ हो न जाए। घाट पर कहीं भी पैर रखने की जगह नहीं थी। जितने लोग घाट पर थे उस से कहीं ज्यादा लोग घाट के ऊपर गोदौलिया चौराहे तक जमा थे हर कोई गंगा आरती में शामिल होना चाहता था। आज जो भीड़ का नजारा था ऐसा नजारा देव दीपावली पर भी हम लोगों ने नहीं देखा। उन्होंने आगे कहा, लेकिन घाट की अपनी सीमा है। ऐसे में उन भक्तों से अपील है जो शारीरिक रूप से अस्वस्थ है वो बाबा के दर्शन से परहेज करें और लाइन में लगने के बजाय दूर से ही बाबा को प्रणाम करें।
5 फरवरी तक नहीं होगी दशाश्वमेध घाट पर आरती
जिला प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि गंगा सेवा निधि के अलावा अस्सी घाट, शीतला घाट समेत अन्य घाट की समितियों ने भी श्रद्धालुओं से अपील जारी की है। जिला प्रशासन ने साथ ही ये भी बताया कि दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती कराने वाली संस्था गंगा सेवा निधि ने आगामी 5 फरवरी तक आम जन के लिए गंगा आरती में शामिल होने पर रोक लगा दी है।
अयोध्या, बनारस और चित्रकूट में भी हर जगह भीड़
महाकुंभ के चलते प्रयागराज के अलावा बड़ी संख्या में लोग अयोध्या, बनारस और चित्रकूट पहुंच रहे हैं। अयोध्या में भी अफरा-तफरी का माहौल है। यहां भी भक्तों को बसंत पंचमी के बाद आने की अपील की गई है।