Tuesday, May 19, 2026
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सरकारी स्कूल में छात्राओं से बर्तन धुलवाने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग हरकत में फरीदाबाद

फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ छात्राओं से मिड-डे मील के बाद बर्तन धुलवाने का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल से रिपोर्ट तलब की है और जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने ली संज्ञान-

बताया जा रहा है कि यह वीडियो गुरुवार को रिकॉर्ड किया गया, जिसमें स्कूल की कई छात्राएं मिड-डे मील खाने के बाद अपने बर्तन खुद धोती नजर आ रही हैं। वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, शिक्षा अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी है।

प्रधानाचार्य जयप्रकाश से इस बाबत जवाब मांगा गया है। वहीं, शनिवार को वह अधिकारियों को मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब सरकारी स्कूलों में इस तरह की लापरवाही सामने आई है। अप्रैल और मई में भी फरीदाबाद के दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों से ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं:

15 मई: छांयसा स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में छात्रों से मिट्टी भरवाने का वीडियो वायरल हुआ था।

5 अप्रैल: एनआईटी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में छात्रों से झाड़ू लगवाने और कूड़ा उठवाने का वीडियो सामने आया था।

इन सभी मामलों में प्रशासनिक जांच के बाद भी ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है, जो शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या कहा अधिकारियों ने?

खंड शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि वायरल वीडियो में छात्राएं बर्तन धोती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया,

“हमने वीडियो देखी है। स्कूल प्रिंसिपल से जवाब मांगा गया है और जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल को भी जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अभिभावकों की नाराज़गी

वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देने की बजाय उनसे सफाई, बर्तन और मजदूरी जैसे काम करवाना बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी स्कूलों में छात्रों से शारीरिक श्रम करवाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह न केवल शिक्षा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि छात्रों की मानसिकता पर भी गलत प्रभाव डालता है। शिक्षा विभाग को अब इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्थायी समाधान निकालना होगा।

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