फरीदाबाद। गांव भाकरी में सोमवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दीपक फागना के रूप में हुई है, जो गांव में दूध की डेयरी चला कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर दीपक की हत्या का आरोप लगाया है, साथ ही पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का भी आरोप लगाया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद शव को घर से बाहर रख कर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।गुस्साए परिजनों ने पाली पुलिस चौकी के बाहर हंगामा किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मृतक के पिता सतपाल फागना ने बताया कि उनका बेटा दीपक शादीशुदा था और गांव में डेयरी चला रहा था। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह करीब छह बजे पुलिस वाले घर आए और कहा कि तुम्हारे बेटे की मौत हो गई है, उसका शव बीके अस्पताल में रखवाया गया है। जैसे ही उन्हें यह सूचना मिली, वे तुरंत पाली पुलिस चौकी पहुंचे। जब उन्होंने वहां बेटे की मौत का कारण पूछना चाहा, तो चौकी इंचार्ज विक्रम ने कोई जानकारी नहीं दी। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने उनके साथ अभद्रता की और धक्के मारकर चौकी से बाहर निकाल दिया। जब उन्होंने शव मिलने की जगह के बारे में पूछा, तो चौकी इंचार्ज ने उल्टा उन्हें धमकाया और कहा कि बीके अस्पताल जाओ शव वहां रखवा दिया है। यहां क्या करने आए हो।
सतपाल फागना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या गांव के ही महेंद्र पंडित, उसके दो बेटे, भाई और उसके लड़कों ने मिलकर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद पुलिस की मिलीभगत से शव को घर से बाहर रखकर इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई। परिजनों द्वारा किए गए हंगामे की जानकारी मिलते ही डबुआ थाना प्रभारी (एसएचओ) खुद पाली चौकी पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
फिलहाल पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


