हरियाणा की राजनीति में 13 मार्च 2024 एक यादगार तारीख बन गई। इसी दिन साधारण किसान परिवार से निकले नायब सिंह सैनी ने राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लंबे समय से बड़े राजनीतिक घरानों तक सीमित सत्ता में यह बदलाव सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक साबित हुआ।
छह महीने में बदल गई धारणाएँ
शपथ ग्रहण के समय विपक्ष ने दावा किया था कि भाजपा मुश्किल से दस सीटें ही जीत पाएगी और इतने कम समय में कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं होगा। लेकिन सैनी ने लगातार जनता के बीच रहकर यह धारणा पलट दी। गाँव की चौपालों से लेकर शहर की गलियों तक सीधा संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी पहचान बनी। परिणामस्वरूप, अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटी।
निभाने की राजनीति का संदेश
16 अक्टूबर 2024 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए सैनी ने यह स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति केवल वादों की नहीं, बल्कि उन्हें निभाने की है। युवाओं को रोजगार और जनता को तत्काल राहत उपलब्ध कराकर उन्होंने इसे सिद्ध भी किया।
परीक्षार्थियों के लिए संवेदनशील पहल
CET परीक्षा के दौरान पहली बार विद्यार्थियों के लिए घर से परीक्षा केंद्र तक पहुँचने की बस सुविधा दी गई। यहाँ तक कि बस छूटने पर पुलिस अधिकारियों ने अपनी गाड़ियों से परीक्षार्थियों को केंद्र पहुँचाया। यह कदम प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बना।
एक साल की उपलब्धियाँ
- महिला सशक्तिकरण : लाडो लक्ष्मी योजना के तहत ₹2100 मासिक सहायता
- गरीब परिवारों को राहत : ₹500 में गैस सिलेंडर, 30 गज प्लॉट और ₹2.5 लाख आवासीय सहायता
- स्वास्थ्य सेवाएँ : सभी जिला अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस व उपचार
- युवा व खेल : 1,489 खेल नर्सरियाँ, 37 हजार खिलाड़ी लाभान्वित
- कानून व्यवस्था : 1,300 जेल वार्डर भर्ती, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
- विकास कार्य : नरवाना में ₹206 करोड़ की परियोजनाएँ, सरस्वती अभयारण्य का विस्तार
- प्रशासनिक सुधार : डीसी-एसपी को हर महीने गाँवों में रात्रि प्रवास का आदेश
जनता का लाड़ला बना नाम
सिर्फ एक साल में सैनी ने जनता के बीच अपनी कार्यशैली से भरोसा कायम किया। आज गाँव-गाँव और शहर-शहर में उनका नाम “जनता का लाड़ला नायब” गूँज रहा है। आने वाले वर्षों में यही विश्वास हरियाणा को उम्मीद से विश्वास और विश्वास से विकास की दिशा में आगे ले जाने वाला साबित होगा।


