हिंदुस्तान तहलका / दीपा राणा
अमरोहा / हसनपुर। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। बच्चों को स्कूल लेकर जा रही इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की वैन की गजरौला मार्ग पर अगापुर के पास सामने से आ रही पिकअप से जबरदस्त टक्कर हो गई। इस भीषण टक्कर में वैन में सवार 5 साल की बच्ची और 22 वर्षीय महिला टीचर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 छात्र और एक शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना खौफनाक था कि वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। टक्कर के बाद वैन में सवार बच्चों की चीख-पुकार से इलाका गूंज उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैन की रफ्तार काफी तेज थी और ओवरलोड भी थी। चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और विपरीत दिशा से आ रही पिकअप में भिड़ गया।
मासूम अनाया की मौत और मां भी घायल
इस हादसे में 5 वर्षीय अनाया, जो एलकेजी की छात्रा थी, की मौत हो गई। अनाया की मां रूबी, जो इसी स्कूल में टीचर हैं, वैन में उसके साथ आगे की सीट पर बैठी थीं और हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं। अनाया हसनपुर नगर के मोहल्ला कायस्थान की रहने वाली थी। उसके पिता, एडवोकेट सत्य प्रकाश, हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और अपनी बेटी के शव देखकर फूट-फूट कर रो पड़े। दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
दूसरी मृत शिक्षिका – निशा
इस दर्दनांक हादसे शिक्षिका निशा की भी मौत हुई। जो हसनपुर की निवासी थीं। वह बच्चों को हर दिन पढ़ाने जाती थीं, लेकिन आज खुद बच्चों के साथ स्कूल नहीं पहुंच पाईं।
वैन में कुल 16 लोग सवार
वैन में कुल 16 लोग सवार थे जिनमें 13 बच्चे, 3 शिक्षिकाएं और ड्राइवर शामिल थे। यह भी सामने आया कि वैन पर स्कूल का नाम और पहचान अंकित नहीं थी। छात्र आतिफा, दिव्यांश, अभिनव, अभिकांत, आरोही, आराध्या, अनाम, आरान, काव्यांश, काव्य, अभिनंदन, करूणा को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें एक बच्ची को हालत बिगड़ने पर मेरठ के अस्पताल में रेफर किया गया है। बाकी का इलाज अमरोहा जिला अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन की सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही सीओ दीप कुमार पंत और एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और एसपी अमित कुमार आनंद भी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने खुद वैन चालक विशेष का बयान लिया और पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि हादसे में बच्ची अनाया और शिक्षिका निशा की मौत अत्यंत दुखद है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्कूल वाहनों की चेकिंग को लेकर अब सख्त अभियान चलाया जाएगा। इस हादसे ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। न केवल वैन ओवरलोड थी, बल्कि उस पर स्कूल का नाम तक अंकित नहीं था। इस मामले में शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक सवाल हमारा
एक मासूम बच्ची और एक शिक्षिका की जान चली गई। कई बच्चे घायल हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या स्कूल प्रशासन और परिवहन विभाग इस दर्दनाक हादसे से सबक लेंगे? क्या स्कूल वाहन सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों का पालन होगा, या आने वाले दिनों में ऐसे हादसे दोहराए जाएंगे?


