हिंदुस्तान तहलका
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार (12 जून) को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा विमान हादसा हुआ। एयरपोर्ट से एअर इंडिया विमान ने उड़ान भरी। टेकऑफ के दो मिनट बाद विमान क्रैश हो गया। जमीन पर गिरते ही धमाका हुआ। आग का गोला बन गया। चंद सेकेंड में सब कुछ जलकर खाक हो गया। घटनास्थल के आसपास मौजूद पक्षी, पशु भी खाक हो गए। लोहा तक पिघल गया। चारों तरफ चीख-पुकार और बर्बादी का मंजर था, वहीं मलबे के बीच से मिली एक सुरक्षित भगवत गीता ने सबको हैरान कर दिया। ‘भगवत गीता’ को आंच तक नहीं आई। यह चमत्कार कैसे हुआ? आइए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से जानते हैं।
देवी-देवताओं की तस्वीर सुरक्षित
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राहत-बचाव कार्य में लगा युवक हाथों में सुरक्षित भागवत गीता लिए दिख रहा है। भागवत गीता के कवर का कुछ पार्ट जला है। शुरुआत के एकाध पन्ने पर भी आग से जलने के निशान हैं। अंदर के सभी पन्ने और किताब में मौजूद भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवी-देवताओं की तस्वीर को कुछ नहीं हुआ है। युवक ने बताया कि इतनी भीषण आग के बाद भी ‘गीता’ सलामत बच गई।
कोई मान रहा चमत्कार तो कुछ बता रहे अंधविश्वास
वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे भगवान का चमत्कार बता रहे तो कुछ लोग इसे अंधविश्वास फैलाना कह रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह पुस्तक किसी यात्री के लगेज में रही होगी। जो सुरक्षित बच गई है। पुस्तक को दिखाने वाला युवक कह रहा है कि हम यह मान सकते हैं कि भगवान का मैसेज है कि आप भगवान की वाणी की ओर लौटें।
जब सब कुछ समाप्त हो जाए, तब भी धर्म बचा रहता है
सोशल मीडिया पर भी अब इस गीता की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और लोग इसे ईश्वर की मौजूदगी का प्रतीक मान रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह उस अदृश्य शक्ति का संकेत है, जो हर अंधकार में भी प्रकाश की उम्मीद बनाए रखती है। इस हादसे में अब तक 270 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और राहत कार्य अभी भी जारी है। लेकिन इस त्रासदी के बीच मिली भगवत गीता ने एक संदेश जरूर छोड़ा है- “जब सब कुछ समाप्त हो जाए, तब भी धर्म बचा रहता है।”


