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ESIC अस्पताल फरीदाबाद में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन: वेतन और नौकरी की सुरक्षा को लेकर हंगामा

मरीजों को इलाज में परेशानी, अस्पताल प्रशासन ने कहा – मांगें मान ली गईं

हिंदुस्तान तहलका / विष्णु हरि पाठक

फरीदाबाद | 17 जुलाई 2025

फरीदाबाद के सेक्टर-3 स्थित ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अनुबंध पर कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्टाफ ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

इनकी मुख्य मांगे निम्नलिखित थी 

1 नौकरी की अनिश्चितता:

स्टाफ ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया जाता है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो गया है।

2 वेतन में देरी:

प्रदर्शनकारी स्टाफ का कहना था कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिससे परिवार चलाने में दिक्कत होती है।

3 महिला कर्मचारियों के लिए अधिकारों की कमी:

नर्सिंग अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं को प्रसूति अवकाश नहीं दिया जाता, जबकि यह उनका मूल अधिकार है।

4 स्वास्थ्य सुविधाओं की अनुपलब्धता:

स्वयं बीमार पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी जातीं, जो कि विडंबनात्मक है क्योंकि वे खुद स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का हिस्सा हैं।

मरीजों को भी झेलनी पड़ी परेशानी-

प्रदर्शन के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं, कई मरीजों को दवा लेने और पर्ची बनवाने में कठिनाई हुई।

कुछ वार्डों में स्टाफ की अनुपस्थिति के चलते इलाज प्रभावित हुआ, जिससे मरीज और उनके परिजन परेशान दिखे।

हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया था ताकि व्यवस्था बिगड़ने न पाए। हालांकि, 100 से अधिक नियमित नर्सिंग अधिकारियों और सहायकों ने कोशिश की कि अस्पताल की बुनियादी सेवाएं बनी रहें।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एके पांडेय ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की कई मांगें पहले ही मान ली गई थीं

जून का वेतन सभी को जारी कर दिया गया है।

महिलाओं के प्रसूति अवकाश को उच्च अधिकारियों द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि मरीजों की सेवा में कोई बाधा न आए।

डीन ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमित नियुक्ति या स्थायी रोजगार देने का अधिकार स्थानीय प्रशासन के पास नहीं है, इसके लिए केंद्रीय स्तर से दिशा-निर्देश आते हैं।

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