फरीदाबाद: 17 जुलाई 2025
हिंदुस्तान तहलका / विष्णु हरि पाठक
हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक शहर फरीदाबाद में एक बार फिर सड़क निर्माण में लापरवाही उजागर हुई है। सेक्टर-12 और सेक्टर-15 को जोड़ने वाली नई डिवाइडिंग सड़क महज 20 दिन में ही धंस गई, जिससे रोजाना गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) द्वारा बनाई गई थी, लेकिन इसके निर्माण में घोर लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर वर्षा जल निकासी की लाइन डाली गई थी, वहां मिट्टी को ठीक से भरा नहीं गया और जल्दबाजी में ऊपर से डामर डाल दिया गया। नतीजतन, बारिश होते ही सड़क कम से कम पांच स्थानों से धंस गई
दैनिक ट्रैफिक और अधिकारियों का नियमित आवागमन-
इस मार्ग से हर दिन करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें आम नागरिकों के साथ-साथ जिला प्रशासन, न्यायालय, पुलिस, मंत्री और विधायक भी शामिल हैं। सेक्टर-15 निवासी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता खुद भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। नरेंद्र गुप्ता पहले ही सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।यही सड़क दिल्ली-मथुरा हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भी जोड़ती है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
6 महीने देरी से शुरू हुआ निर्माण-
FMDA ने यह सड़क बनाने का ठेका केके भूरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था। इस कंपनी को ग्रेटर फरीदाबाद में कुछ मास्टर रोड के लिए 35 करोड़ रुपये का ठेका भी दिया गया है। लेकिन सड़क निर्माण का काम ठेका मिलने के 6 महीने बाद शुरू किया गया, और उसमें भी गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।
FMDA के कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया ने दावा किया कि,
“सड़क निर्माण में अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है। जहां सड़क धंसी है, वहां वर्षा जल निकासी लाइन के कारण यह स्थिति बनी है। उस हिस्से को दुरुस्त कराया जाएगा।


