हिंदुस्तान तहलका / संवादाता
अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने मंगलवार आज को देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं पर बेबाक बयान देते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम ही हर मुद्दे को तूल देना है, जबकि भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों की वजह से है, और इस पर बेवजह राजनीति नहीं की जानी चाहिए। विज ने कहा कि धनखड़ जी स्पष्ट बोलने वाले व्यक्ति हैं, उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करना उचित नहीं।
जो मतदाता नहीं, उनकी पैरवी क्यों ? – विज का विपक्ष पर हमला
बिहार चुनाव से पहले वोट सत्यापन ( एसआईआर) को लेकर हो रहे विवाद पर मंत्री ने विपक्ष से सवाल पूछा कि वे उन लोगों की पैरवी क्यों कर रहे हैं जो मतदाता ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले ये कहते थे कि फर्जी वोट पड़ते हैं, अब जब चुनाव आयोग ईमानदारी से सत्यापन कर रहा है तो इन्हें तकलीफ हो रही है।
धार्मिक आस्था पर प्रश्न उठाना दुर्भाग्यपूर्ण: विज
कांवड़ यात्रा पर समाजवादी पार्टी के विधायक के बयान पर मंत्री अनिल विज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस देश में कुछ तत्व ऐसे हैं जिन्हें हर धार्मिक परंपरा में खोट नजर आता है। संविधान ने हमें अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया है और कोई भी इस पर अंगुली नहीं उठा सकता।कांवड़ यात्रा पर समाजवादी पार्टी के विधायक के बयान पर मंत्री अनिल विज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस देश में कुछ तत्व ऐसे हैं जिन्हें हर धार्मिक परंपरा में खोट नजर आता है। संविधान ने हमें अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया है और कोई भी इस पर अंगुली नहीं उठा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाना देश का अपमान:विज
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि भारत के सांसद और मंत्री विश्व के मंच पर देश का पक्ष रखने गए थे, और उन्हें घूमने गया प्रतिनिधिमंडल कहना अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने पाकिस्तान के झूठे प्रचार का पर्दाफाश किया और भारत की स्थिति स्पष्ट की। यह कहना कि सब कुछ प्रधानमंत्री का दिमाग था, देश के लोकतांत्रिक संस्थानों का अपमान है।
सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है:विज
अखिलेश यादव के संसद में जवाब की मांग पर विज ने कहा कि सरकार जवाब देने से कभी पीछे नहीं हटी। सवाल यह है कि विपक्ष सदन में संवाद क्यों नहीं करना चाहता? उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी हर मुद्दे पर पारदर्शिता के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संवाद की बजाय शोरगुल का रास्ता अपनाता है।


