हिंदुस्तान तहलका / संवादाता
शिवरात्रि पर जलाभिषेक करने जा रहे बिजली करंट लगने से एक की मौत, साथी झुलसा
फरीदाबाद। हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले थे… शिवभक्ति की उमंग, आस्था की अग्नि और कदमों में उत्साह लिए हुए। 220 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी और कठिन डाक कांवड़ यात्रा की मंज़िल अब बस चार किलोमीटर दूर रह गई थी… मगर नियति ने बीच रास्ते में ही सब कुछ छीन लिया। गांव लहडौला निवासी 24 वर्षीय रवि अधाना, जो भगवान शिव के अभिषेक के लिए हरिद्वार से पवित्र जल लेने गया था, अब कभी अपने गांव लौटकर नहीं आएगा। उसकी असमय मौत ने न सिर्फ एक घर से उसका बेटा छीना, बल्कि एक डाक कांवड़ को भी अधूरा छोड़ खंडित कर दिया।
कैसे हुआ हादसा?
गांव लहडौला से एक डाक कावड़ 19 जुलाई को हरिद्वार गंगाजल लेने गई थी। बुधवार आज चंदीला चौक के रास्ते गांव फरीदपुर सुबह 8 बजे पहुंची थी। बारिश हो रही थी, डीजे बज रहा था। सभी भोलो में उत्साह था, की तभी एक हादसा हो गया। कंटेनर पर तिरपाल पड़ा था और जिसके ऊपर रवि अधाना और उसका साथी अनिल बैठे हुए थे। लहडौला गांव अब केवल चार किलोमीटर दूर रह गया था। वही गांव जहां उन्हें शिवलिंग पर जल चढ़ाना था। लेकिन तभी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन ने सब कुछ बदल दिया। कंटेनर की ऊंचाई और तिरपाल की स्थिति ऐसी थी कि बिजली की तार रवि के सिर से छू गई। करंट लगते ही दोनों युवक कंटेनर से नीचे गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया। अनिल की हालत गंभीर बताई जा रही है। रवि एक निजी कंपनी में काम करता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ है। उनका कहना है कि ऐसी हाई वोल्टेज लाइनें बेहद खतरनाक स्थिति में गांव में लटक रही हैं। बिजली विभाग ने इसका कोई इंतजाम नहीं किया। बारिश हो रही है तो भी लाइन कट नहीं की गई। यदि बिजली की लाइन कट होती तो यह हादसा होने सा बच जाता। उन्होंने बताया कि जब इस तरह की घटना होती है तो कांवड़ को खंडित मानकर यात्रा को अधूरा समझा जाता है, जिससे श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचती है।
घटना की जानकारी बीपीटीपी थाना पुलिस के जांच अधिकारी (आइओ) के अनुसार मृतक युवक गांव लहडोला का रहने वाला है। जो अपने साथियों के साथ डाक कावड़ लेकर आया था। बुधवार को जलाभिषेक करते समय ये हादसा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है।
गांव में मातम, आंखों में आँसू
रवि की मौत की खबर जैसे ही गांव लहडौला पहुंची, पूरा माहौल शोक में डूब गया। घर में जहां स्वागत की तैयारी होनी थी, वहां अब रोते-बिलखते परिजन हैं। मां की आंखें अपने बेटे की एक झलक के लिए तरस रही हैं, और पिता के चेहरे पर गहरा दर्द है। उस बेटे के लिए, जो शिवभक्ति के लिए निकला था और अब कभी नहीं लौटेगा।


