हिंदुस्तान तहलका / विष्णु हरि पाठक
दिल्ली | 31 अगस्त 2025
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन आपसी विश्वास सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 2.8 अरब लोगों का भविष्य हमारी साझेदारी से जुड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि विवादित क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी के बाद सीमा पर शांति और स्थिरता कायम है। बैठक के दौरान पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद रहे।
क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
सीमा प्रबंधन पर सहमति: पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर सहमति बनी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाल: पीएम मोदी ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हो चुकी है।
सीधी उड़ानें शुरू: उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स फिर से शुरू हो रही हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मोदी का स्वागत करते हुए कहा–पिछले साल कज़ान (रूस) में हमारी सफल बैठक हुई थी। मुझे खुशी है कि आप चीन आए हैं और SCO सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
SCO शिखर सम्मेलन का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर लिखा – तिआनजिन पहुंचा हूं। SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने और विभिन्न विश्व नेताओं से मुलाकात का इंतजार है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने 50% तक टैरिफ लगाए हैं। SCO में इस समय 10 पूर्ण सदस्य देश हैं-भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
पिछली मुलाकात का असर
अक्टूबर 2024 में कज़ान (रूस) में BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। उस बैठक के बाद:
लद्दाख में दो अहम बिंदुओं से सैनिकों की वापसी हुई,कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई
चीनी पर्यटकों को भारतीय वीज़ा जारी करने का फैसला हुआ और भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानें बहाल करने पर सहमति बनी।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यह मुलाकात न सिर्फ भारत-चीन संबंधों के लिए अहम है बल्कि SCO शिखर सम्मेलन में होने वाली बहुपक्षीय बातचीत के लिए भी निर्णायक मानी जा रही है।


