Tuesday, May 19, 2026
No menu items!
spot_img
Homeअन्य राज्यआईआरईई-2025 में डीएफ़सीसीआईएल ने प्रदर्शित की आधुनिक रेलवे तकनीक

आईआरईई-2025 में डीएफ़सीसीआईएल ने प्रदर्शित की आधुनिक रेलवे तकनीक

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित 16वां इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्ज़िबिशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में नवाचार, सहयोग और वैश्विक सहभागिता की झलक देखने को मिली। इस आयोजन का उद्घाटन रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा किया गया।

यह आयोजन भारतीय रेल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी परिवर्तन का उत्कृष्ट प्रदर्शन था, जिसने देश की आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे प्रयासों को उजागर किया। प्रमुख प्रतिभागियों में डेडिकेटेड फ़्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड द्वारा लगाया गया तकनीक-प्रधान स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस स्टॉल का उद्घाटनकरने के उपरांत डीएफ़सीसीआईएल प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि आईआरईई एक उत्कृष्ट मंच है जो भारत के विशाल रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण और विस्तार में योगदान का अवसर प्रदान करता है। यह निरंतर तकनीकी उत्कृष्टता, स्थायित्व और माल परिवहन को भारत की आर्थिक प्रगति के प्रमुख साधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंचों में भागीदारी से डीएफ़सीसीआईएल भारत को वैश्विक रेल लॉजिस्टिक्स में अग्रणी बनाने के अपने विज़न को और मज़बूत कर रहा है तथा यह सुनिश्चित कर रहा है कि देश के फ़्रेट कॉरिडोर विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप हों।

इस अवसर पर शोभित भटनागर, निदेशक (ओपी एंड बीडी); शिवपूजन वर्मा, जीजीएम (बिज़नेस डेवलपमेंट); मित सौराष्ट्री, जीएम (कॉरपोरेट कोऑर्डिनेशन); रोशन सिंह, एजीएम (ओपी एंड बीडी) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डीएफ़सीसीआईएल के स्टॉल पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार, डीएफ़सीसीआईएल के पूर्व निदेशक (ओपी एंड बीडी) नंदुरी श्रीनिवास, पूर्व निदेशक (प्रोजेक्ट प्लानिंग) पंकज सक्सेना, पीईडी (मैकेनिकल कोचिंग) सचिंदर मोहन शर्मा तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी भ्रमण किया और निगम की तकनीकी एवं जानकारीपूर्ण प्रदर्शनी की सराहना की।

तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में रेलवे संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों और उद्योग विशेषज्ञों-जैसे जोखिम मूल्यांकन विशेषज्ञ, इंजीनियरिंग निदेशक, संचालन और सुरक्षा अधिकारी, लॉजिस्टिक कंपनियाँ और नीति निर्माता, ने भाग लिया। तीन दिनों में 50,000 से अधिक आगंतुकों की भागीदारी के साथ, आईआरईई- 2025 भारत की बढ़ती क्षमताओं और रेल परिवहन के भविष्य को पुनर्परिभाषित करने की महत्वाकांक्षा का प्रतीक बनकर उभरा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments

Translate »