नई दिल्ली। तीन दिवसीय ग्लोबल रेल 2025 सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन अबूधाबी के लोकल एग्जीबिशन सेंटर में किया गया, जिसमें भारत की ओर से डीएफसीसीआईएल, इरकॉन, और राइट्स जैसी अग्रणी रेलवे कंपनियों ने भाग लिया। इस आयोजन में नई सोच, स्मार्ट मोबिलिटी और हरित भविष्य को लेकर गहन चर्चा की गई।
भारत की रेलवे क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं की वैश्विक स्तर पर सराहना की गई। सम्मेलन में सड़क मार्ग के मुकाबले माल परिवहन को रेल मार्ग से करने पर जोर दिया गया, ताकि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटे, ईंधन की बचत हो और पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचे।

रेलवे के भविष्य की दिशा तय करने वाले विषयों पर चर्चा
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में स्मार्ट मोबिलिटी, हरित तकनीक, रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा एनालिटिक्स, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन, पीपीपी मॉडल, रेलवे डिजिटलीकरण, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
डीएफसीसीआईएल ने अपने विस्तार और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। खासकर माल ढुलाई को लेकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भूमिका को वैश्विक स्तर पर काफी सराहा गया।

माल ढुलाई में क्रांतिकारी बदलाव की ओर भारत
भारत के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को न सिर्फ यातायात से अलग एक नया मॉडल बताया गया, बल्कि इसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स सिस्टम का उदाहरण बताया गया। इस कॉरिडोर की मदद से न केवल माल ढुलाई की गति तेज हुई है, बल्कि सड़क जाम, डीजल खपत और प्रदूषण में भी भारी कमी आई है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी में भारत का योगदान
डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीन कुमार ने कहा कि ग्लोबल रेल 2025 भारत के लिए एक बेहतरीन मंच है, जहां से भारत न केवल अपने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मॉडल को प्रस्तुत कर सकता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत का विज़न है कि वो लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान के जरिए वैश्विक फ्रेट नेटवर्क का हिस्सा बने।

बदलाव की रेल: भारतीय मंडप रहा आकर्षण का केंद्र
भारतीय मंडप पर संयुक्त उद्गाटन भारत के थीम के साथ रेलवे मंत्रालय, डीएफसीसीआईएल, इरकॉन, राइट्स और अन्य भारतीय कंपनियों की मौजूदगी ने यह दिखा दिया कि भारत अब सिर्फ रेलवे का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीक, सतत विकास और वैश्विक सहयोग में नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है।


