जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में वीरवार सुबह बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई जिससे मचैल माता यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ। स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंच चुका है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा में करीब 33 लोगों की मौत की आशंका है।
घटना के समय किश्तवाड़ सहित कई जिलों में तेज बारिश हो रही थी। जैसे ही चिशोती में बादल फटा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई और आसपास अफरा-तफरी मच गई।
जिला उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत घटना स्थल पर भेजी गई हैं। मेडिकल टीमों को सक्रिय किया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने और सड़कें बह जाने के कारण कुछ क्षेत्रों में बचाव टीमों को मुश्किलें आ रही हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दे कि मचैल माता यात्रा हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं जिससे सुरक्षा और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। हालाँकि बचाव कार्य और प्रभावितों की मदद लगातार जारी है।


