नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र से सभी आवारा कुत्तों को तुरंत हटाने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि बढ़ते कुत्तों के हमले और देश में रेबीज़ के मामलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह कदम जरूरी है।
क्या है अदालत का आदेश?
- सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर Sterilization और टीकाकरण किया जाएगा।
- कुत्तों को नए बने शेल्टर में रखा जाएगा, सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा।
- आठ हफ्तों में शेल्टर बनाने और CCTV लगाने के निर्देश।
- आदेश का विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
- जस्टिस जेबी पारडीवाला ने कहा बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। सभी कुत्तों को हटाना होगा चाहे वे Sterilization हो या नहीं।
पशु प्रेमियों का विरोध-
कई लोग इस फैसले को अमानवीय बता रहे हैं। दिल्ली में कैंडल मार्च के दौरान लोगो ने कहा ये जानवर बोल नहीं सकते इन्हें उनकी जगह से नहीं हटाना चाहिए।
दिल्ली में आवारा कुत्तों की स्थिति-
- 2012 में जनगणना: 60,000 आवारा कुत्ते
- अनुमानित संख्या (2025): लगभग 10 लाख
- जनवरी-जून 2025: 35,198 काटने के मामले, 49 रेबीज़ केस
पशु संगठनों की प्रतिक्रिया-
FIAPO और PETA इंडिया ने आदेश को अव्यवहारिक और महंगा बताया। उन्होंने बड़े पैमाने पर Sterilization, टीकाकरण और जन-जागरूकता पर जोर दिया।


