हिंदुस्तान तहलका / विष्णु
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रतिष्ठित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज का एक पूर्व छात्र मनोजित मिश्र भी शामिल है, जो कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
यह मामला सामने आते ही पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल मच गई है। जहां विपक्षी दलों ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए इस्तीफे की मांग की है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोपियों को कड़ी सज़ा देने की मांग करते हुए खुद को इससे अलग बताया है।
क्या है मामला?
छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे कॉलेज की यूनियन में अध्यक्ष बनाने का लालच देकर कॉलेज बुलाया। वहां दो अन्य युवकों की मदद से उसे गार्ड रूम में ले जाया गया और जबरन दुष्कर्म किया गया। यह घटना 25 जून की शाम की बतायी जा रही है।
पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है और शुक्रवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम प्रमित मुखर्जी, जे अहमद और मनोजित मिश्र हैं। तीनों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए घटनास्थल का दौरा भी किया है।
राजनीतिक घमासान:
इस घटना को लेकर विपक्ष खासा आक्रामक हो गया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी तीखा हमला करते हुए कहा, “जिस राज्य की मुख्यमंत्री रेप को ‘छोटी घटना’ कहती हैं, वहां ऐसे अपराध सामान्य हो चुके हैं।”
वहीं, तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद ने सफाई देते हुए कहा है कि मनोजित मिश्र संगठन में कई वर्षों से सक्रिय नहीं हैं और वर्तमान में किसी पद पर नहीं हैं। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करती है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
राष्ट्रीय महिला आयोग का संज्ञान:
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त से तीन दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस घटना को गंभीर बताते हुए छात्रा को हरसंभव सहायता देने का निर्देश दिया है।
कॉलेज और विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया:
कॉलेज की प्रिंसिपल नयना चटर्जी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी बाद में मिली और आरोपी कॉलेज का अस्थायी कर्मचारी था, जिसे 45 दिन की नियुक्ति पर रखा गया था। कलकत्ता विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर शांता दत्त डे ने मंगलवार तक जांच समिति गठित करने की बात कही है और कहा है कि कॉलेज से रिपोर्ट मांगी गई है।
इससे पहले भी ऐसी घटना हुयी थी:
यह मामला 2024 के उस भयानक हादसे की याद दिला रहा है, जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। उस केस में भी शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे।
विरोध-प्रदर्शन और सामाजिक प्रतिक्रिया:
घटना के बाद कई छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। ABVP, SFI, कांग्रेस और अन्य संगठनों ने दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।


