चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार सुबह केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल दिवंगत अधिकारी के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अफसर अमनीत पी. कुमार सहित परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
मनोहर लाल ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान जांच की प्रगति पर चर्चा की और कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने परिवार को हर संभव सहयोग और न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया।

26 अक्टूबर को नाडा साहिब में शोक सभा
आईपीएस पूरन कुमार की शोक सभा 26 अक्टूबर को नाडा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित की जाएगी। यह निर्णय 51 सदस्यीय कमेटी ने परिवार की सहमति से लिया है। पहले शनिवार को हुई बैठक में तारीख तय नहीं हो पाई थी, लेकिन अब अंतिम निर्णय लिया गया है।
7 अक्टूबर को आईपीएस ने किया सुसाइड
बता दें कि 7 अक्टूबर को रोहतक स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (पीटीसी ) में तैनात आईजी वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने 8 पन्नों का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत छोड़ी थी, जिसमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 15 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला फिलहाल जांच के अधीन है।


