हिंदुस्तान तहलका / नरेंद्र सेतिया
भिवानी। अरावली क्षेत्र में बसे ऐतिहासिक अनंगपुर गांव को लेकर चल रहे विवाद पर भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनंगपुर गांव कोई नया गांव नहीं, बल्कि दिल्ली के अस्तित्व से भी पहले का ऐतिहासिक गांव है। उन्होंने कहा कि यह किसी की मंशा नहीं है कि वहां के लोगों को उजाड़ा जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और फॉरेस्ट एक्ट का पालन करना भी ज़रूरी है।
सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हमेशा से फोकस रहा है कि दिल्ली से लेकर राजस्थान तक फैली अरावली पर्वतमाला को संरक्षित किया जाए। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अवैध खनन और फार्म हाउस निर्माण को लेकर कई जनहित याचिकाएं (पीआईएल) और शिकायतें सुप्रीम कोर्ट में पहुंची हैं, जिसके बाद न्यायालय ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोग दशकों से वहां रह रहे हैं और उनकी भावनाएं न्यायालय के समक्ष रखी जानी चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं सुप्रीम कोर्ट में ग्रामीणों का पक्ष रखने जा रहे हैं, ताकि किसी को अन्याय का सामना न करना पड़े।
धर्मवीर सिंह ने राजनीतिक दलों को भी सलाह दी कि वे इस मामले में व्यक्तिगत या दलगत राजनीति से ऊपर उठें। उन्होंने कहा कि न तो सरकार और न ही विपक्ष चाहता है कि किसी भी नागरिक को उसके घर से उजाड़ा जाए। यह विषय पर्यावरण संरक्षण और मानव हित के बीच संतुलन का है।
एसवाईएल मुद्दे पर भी रखी बात
सांसद धर्मवीर सिंह ने एसवाईएल नहर के मुद्दे पर भी पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पानी का मामला सिर्फ राज्यों का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का विषय है। पंजाब सरकार इस पर राजनीति कर रही है, जबकि यह विषय केंद्र सरकार या डीआरडीओ के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट में यही बात रखने जा रहे हैं।


