नई दिल्ली। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने न्यू दादरी – न्यू खुर्जा – न्यू चावापायल खंड (पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर-ईडीएफसी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और माल ढुलाई को और अधिक सुरक्षित व कुशल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शिष्टाचार मुलाकात भी की और डीएफसीसीआईएल की गतिविधियों से संबंधित एक कॉफी टेबल बुक भेंट की। बैठक के दौरान प्रवीण कुमार ने बताया कि न्यू रेवाड़ी (हरियाणा) और काठूवास (राजस्थान) क्षेत्र के उद्योगपतियों और व्यापारियों को इस समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना के माध्यम से तेज़ डिलीवरी, लागत में कमी और बेहतर लॉजिस्टिक विकल्प मिलेंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यू तलहेरी ट्रैक्शन सब स्टेशन (टीएसएस ) का दौरा किया, जो आगामी वर्षों में विद्युत चालित मालगाड़ियों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक सब स्टेशन न केवल ऊर्जा आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगे, बल्कि माल ढुलाई की गति और क्षमता को भी बढ़ाएंगे। इसके अलावा प्रवीण कुमार ने न्यू खन्ना स्टेशन पर स्थित रेल ग्रेडिंग मशीन (आरजीएम ) साइडिंग, न्यू अंबाला सिटी में बने स्टाफ क्वार्टर और न्यू चावापायल इंटरमीडिएट मेंटेनेंस डिपो (आईएमडी) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता, कार्य प्रगति और अन्य संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुख्य परियोजनाएं ही नहीं, बल्कि स्टाफ क्वार्टर, साइडिंग और संचालन से जुड़ी सहायक अवसंरचनाएं भी कॉरिडोर की प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। निरीक्षण के बाद उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि डीएफसीसीआईएल का लक्ष्य केवल माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के लॉजिस्टिक्स तंत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं की सफलता के लिए तकनीक, प्रबंधन और मानव संसाधनों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से मालगाड़ियों की औसत गति, समय पर डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।


