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विश्व की 10 सबसे घातक नौसेनाएं: भारत की तकनीक और आत्मनिर्भरता का डंका | TOP 10 Navies 2025

हिंदुस्तान तहलका / विष्णु हरि पाठक

समुद्री सुरक्षा आज के दौर में किसी भी देश की रणनीतिक ताकत का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है। वर्ल्ड डाइरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री वॉरशिप 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की 10 सबसे मजबूत नौसेनाओं की सूची जारी की गई है। इस लिस्ट में जहां अमेरिका तकनीक के मामले में शीर्ष पर है, वहीं चीन संख्या में सबसे आगे है। भारत ने भी इस लिस्ट में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

2025 में वैश्विक नौसेनिक शक्ति की रैंकिंग में कौन कहाँ खड़ा है, जानिए इस रिपोर्ट में

  1. अमेरिका – अत्याधुनिक तकनीक और परमाणु शक्ति का बादशाह
    अमेरिका की नौसेना को विश्व की सबसे ताकतवर नौसेना माना जाता है। इसके पास 11 एयरक्राफ्ट कैरियर (10 निमिट्ज क्लास और 1 फोर्ड क्लास) हैं, जो सभी परमाणु ऊर्जा से संचालित होते हैं।
    कुल युद्धपोत: 232,68 सबमरीन,76 डेस्ट्रॉयर
    फ्रिगेट भले न हों, लेकिन अमेरिका के डेस्ट्रॉयर दुनिया में सबसे एडवांस हैं।
  2. चीन – सबसे बड़ा बेड़ा, तकनीकी चुनौतियों के बावजूद ताकतवर है
    चीन के पास इस समय 405 सक्रिय युद्धपोत हैं।
    इनमें 3 एयरक्राफ्ट कैरियर,73 सबमरीन (18 परमाणु क्षमता युक्त),47 डेस्ट्रॉयर है
    चीन की नौसेना तेज़ी से तकनीकी रूप से अपग्रेड हो रही है।
  3. रूस की नौसेना की मजबूती उसकी गहराई में छिपी है।
    कुल युद्धपोत: 283,83 कोरवेट,58 सबमरीन,1 एयरक्राफ्ट कैरियर
  4. इंडोनेशिया – तटीय सुरक्षा में सुपरपावर
    दुनिया के सबसे बड़े द्वीपसमूह के रूप में, इंडोनेशिया के पास 245 युद्धपोत हैं।
    168 कोस्टल पेट्रोल वेसल,25 कोरवेट,4 सबमरीन
    इनकी नौसेना प्रमुख रूप से समुद्री तटों की रक्षा के लिए तैनात रहती है।
  5. दक्षिण कोरिया – टेक्नोलॉजी और रणनीति का मिला-जुला रूप
    147 जहाजों वाली इस नौसेना के पास,21 सबमरीन,13 डेस्ट्रॉयर हैं।
    यह नौसेना अमेरिकी टेक्नोलॉजी से जुड़ी हुई है और उच्च स्तरीय निगरानी क्षमता रखती है।
  6. जापान – तकनीकी दक्षता और संगठनात्मक ताकत
    Japan Maritime Self-Defense Force के पास कई आधुनिक सबमरीन और डेस्ट्रॉयर हैं।
    हेलिकॉप्टर कैरियर ‘इज़ुमो’ इसकी पहचान है।
    जापान की नौसेना एशिया में सबसे संगठित और उन्नत मानी जाती है।
  7. भारत – स्वदेशी निर्माण और रणनीतिक गहराई की नई पहचान
    भारत के पास 100 से अधिक सक्रिय युद्धपोतों का एक संतुलित बेड़ा है:
    2 एयरक्राफ्ट कैरियर: INS विक्रमादित्य और स्वदेशी INS विक्रांत
    13 डेस्ट्रॉयर,14 फ्रिगेट,18 कोरवेट
    29 ओशन पेट्रोल वेसल
    5 उभयचर जहाज
    19 सबमरीन (2 परमाणु ऊर्जा से चालित)
  8. फ्रांस – परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर और आधुनिक बेड़ा
    फ्रांस के पास परमाणु चालित विमानवाहक पोत ‘चार्ल्स डी गॉल’ है, जिसमें राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती संभव है।
    कुल युद्धपोत: 70, 8 सबमरीन,21 डेस्ट्रॉयर,17 माइन वॉरफेयर पोत
  9. ब्रिटेन – परंपरा और भविष्य की ताकत का मेल
    ब्रिटिश रॉयल नेवी दुनिया की सबसे पुरानी नौसेनाओं में है।
    दो विमानवाहक पोत: HMS क्वीन एलिजाबेथ और HMS प्रिंस ऑफ वेल्स
    F-35 फाइटर जेट से लैस
    अन्य जहाज: 9 सबमरीन,6 डेस्ट्रॉयर,8 फ्रिगेट,7 माइन वॉरफेयर पोत
  10. तुर्किए – घरेलू निर्माण की ओर बढ़ता आत्मनिर्भरता का सफर
    तुर्किए ने अप्रैल 2023 में अपना पहला हेलिकॉप्टर कैरियर लॉन्च किया।
    मौजूदा ताकत:13 सबमरीन,17 फ्रिगेट,34 ओपीवी,5 उभयचर जहाज
    तुर्किए अपने घरेलू उत्पादन और नौसेना के आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रहा है, लेकिन वह अभी शीर्ष देशों से पीछे है।

    जहां अमेरिका और चीन शीर्ष पर हैं, वहीं भारत तकनीकी और स्वदेशी क्षमता के दम पर तेजी से ऊपर बढ़ रहा है।
    भारतीय नौसेना सिर्फ भारत की समुद्री सीमा की रक्षा नहीं करती, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ताकत और तकनीकी आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है। भविष्य में INS विशाल जैसे विमानवाहक पोत और स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों के आने से यह ताकत और भी बढ़ेगी।
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